संस्कारों का पतन

समाज मैं फैली बुराइयों और कुरीतियों हमारी संस्कारों को बिगड़ती जा रही है आज हर कोई नशे से ग्रस्त है तो आने वाली पीढ़ी भी हमसे यही सीखेंगे तो आने वाला भविष्य हम क्या सुधरेंगे आज देश में बढ़ता भ्रष्टाचार और बुराइयां खत्म नहीं हो रही हैं क्या हमें हमारे देश से और हमारे समाज से यही उम्मीद है कि वह नशे से ग्रस्त रहें
हमें हमारा समाज पाखंडवाद खत्म करना है युवाओं में नैतिकता और आत्मा तृप्त जागृति लाना है समाज में जातपात के भेद को मिटाना है समाज से हर प्रकार के नशे को दूर करना है समाज में फैली दहेज रूपी कुरीति को जड़ से खत्म करना है समाज में शांति भाईचारा स्थापित करना है सामाजिक बुराइयों को समाप्त करके स्वस्थ समाज तैयार करना है ऐसे समाज नहीं सुधर सकता लेकिन एक aadhyatmik  ज्ञान से तो सुधर ही सकता है तो आई और संत रामपाल जी महाराज जी से सत्संग  सुने और उनसे निशुल्क नाम दीक्षा आप ले सकते हैं

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